‘कथा पंजाब’ में आपका स्वागत है ! मई 13 अंक में आप पढ़ेंगे- ‘पंजाबी कहानी : आज तक’ के अन्तर्गत पंजाबी के प्रख्यात लेखिका अजीत कौर की एक प्रसिद्ध कहानी 'एक और फालतू औरत', ‘आत्मकथा/स्व-जीवनी’ के अन्तर्गत पंजाबी के वरिष्ठ लेखक प्रेम प्रकाश की आत्मकथा ‘आत्ममाया’ की अगली कड़ी तथा ‘पंजाबी उपन्यास’ के अन्तर्गत बलबीर सिंह मोमी के उपन्यास ‘पीला गुलाब’ की 15वीं किस्त …

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संपादकीय

>> बुधवार, 11 जनवरी 2012




नई आशाओं और नई चुनौतियों का वर्ष – नव वर्ष 2012

‘कथा पंजाब’ का यह अंक भी विलम्ब से आपके समक्ष आ रहा है। मित्रो, वर्ष 2011 अपनी खूबियों और खामियों के साथ विदा हो गया और नव वर्ष 2012 नई आशाएँ, नई चुनौतियाँ लेकर हमारे समक्ष है। बीते वर्ष जो कमियाँ-खामियाँ रह गईं, जो कार्य अधूरे रह गए, उन्हें इस नये वर्ष में पूरा करने का संकल्प लेना है, नये सृजन की ओर उन्मुख होना है, ऐसा सृजन जो समाज, देश और विश्व में से घृणा, विद्वेष और अन्याय के काले अँधेरों को खत्म करके प्रेम, विश्वास, सौहार्द और नव-निमार्ण का प्रकाश फैलाये।
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बीते वर्ष 2011 पंजाबी के बहुत ही सशक्त चार लेखक - रामसरूप अणखी, जसवंत सिंह विरदी, गुरमेल मडाहड़ और डॉ स्वर्ण चन्दन – हमारे बीच से विदा हो गए। नाटककार गुरशरण भाजी भी हमसे अलविदा ले गए। इन सभी लेखकों के प्रति ‘कथा पंजाब’ अपनी विनम्र श्रद्धांजलि प्रकट करता है।
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पंजाबी के प्रसिद्ध लेखक बलदेव सिंह को उनके उपन्यास ‘ढाहवां दिल्ली दे किंगरे’ उपन्यास पर भारतीय साहित्य अकादमी, दिल्ली की ओर से वर्ष 2010 के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, यह हम सबके लिए हर्ष और गर्व की बात है। बलदेव सिंह जी का उपन्यास ‘अन्नदाता’ एक ऊँचे स्तर का उपन्यास है। हिन्दी और पंजाबी में इसे लाखों पाठकों ने सराहा है। आशा करता हूँ, ‘ढाहवां दिल्ली दे किंगरे’ का हिन्दी अनुवाद भी हिन्दी के विशाल पाठकों को जल्द उपलब्ध होगा और यह उपन्यास भी उनके ‘अन्नदाता’ उपन्यास की भाँति पाठकों को दिलों में अपनी जगह बनाएगा। ‘कथा पंजाब’ की ओर से बलदेव सिंह जी को बहुत-बहुत बधाई।
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इस अंक में हम विरदी जी को याद करते हुए “पंजाबी कहानी : आज तक” स्तम्भ के अन्तर्गत उन की प्रसिद्ध कहानी “आग” प्रकाशित कर रहे हैं और ‘रेखाचित्र/संस्मरण’ स्तम्भ के अन्तर्गत डॉ. स्वर्ण चन्दन पर हरजीत अटवाल का मार्मिक संस्मरण। साथ ही, ‘कथा पंजाब’ के इस अंक से हम ‘उपन्यास’ स्तम्भ के तहत बलबीर मोमी के चर्चित उपन्यास ‘पीला गुलाब’ का धारावाहिक रूप में प्रकाशन प्रारंभ कर रहे हैं…
आप के सुझावों, आपकी प्रतिक्रियाओं की हमें प्रतीक्षा रहेगी…

सुभाष नीरव
संपादक - कथा पंजाब

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‘अनुवाद घर’ को समकालीन पंजाबी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों की तलाश

‘अनुवाद घर’ को समकालीन पंजाबी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों की तलाश है। कथा-कहानी, उपन्यास, आत्मकथा, शब्दचित्र आदि से जुड़ी कृतियों का हिंदी अनुवाद हम ‘अनुवाद घर’ पर धारावाहिक प्रकाशित करना चाहते हैं। इच्छुक लेखक, प्रकाशक ‘टर्म्स एंड कंडीशन्स’ जानने के लिए हमें मेल करें। हमारा मेल आई डी है- anuvadghar@gmail.com

छांग्या-रुक्ख (दलित आत्मकथा)- लेखक : बलबीर माधोपुरी अनुवादक : सुभाष नीरव

छांग्या-रुक्ख (दलित आत्मकथा)- लेखक : बलबीर माधोपुरी अनुवादक : सुभाष नीरव
वाणी प्रकाशन, 21-ए, दरियागंज, नई दिल्ली-110002, मूल्य : 300 रुपये

पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं(लघुकथा संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव

पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं(लघुकथा संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव
शुभम प्रकाशन, एन-10, उलधनपुर, नवीन शाहदरा, दिल्ली-110032, मूल्य : 120 रुपये

रेत (उपन्यास)- हरजीत अटवाल, अनुवादक : सुभाष नीरव

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यूनीस्टार बुक्स प्रायवेट लि0, एस सी ओ, 26-27, सेक्टर 31-ए, चण्डीगढ़-160022, मूल्य : 400 रुपये

पाये से बंधा हुआ काल(कहानी संग्रह)-जतिंदर सिंह हांस, अनुवादक : सुभाष नीरव

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नीरज बुक सेंटर, सी-32, आर्या नगर सोसायटी, पटपड़गंज, दिल्ली-110032, मूल्य : 150 रुपये

कथा पंजाब(खंड-2)(कहानी संग्रह) संपादक- हरभजन सिंह, अनुवादक- सुभाष नीरव

कथा पंजाब(खंड-2)(कहानी संग्रह)  संपादक- हरभजन सिंह, अनुवादक- सुभाष नीरव
नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, नेहरू भवन, 5, इंस्टीट्यूशनल एरिया, वसंत कुंज, फेज-2, नई दिल्ली-110070, मूल्य :60 रुपये।

कुलवंत सिंह विर्क की चुनिंदा कहानियाँ(संपादन-जसवंत सिंह विरदी), हिंदी अनुवाद : सुभाष नीरव

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प्रकाशक : नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली, वर्ष 1998, 2004, मूल्य :35 रुपये

काला दौर (कहानी संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव

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आत्माराम एंड संस, कश्मीरी गेट, दिल्ली-1100-6, मूल्य : 125 रुपये

ज़ख़्म, दर्द और पाप(पंजाबी कथाकर जिंदर की चुनिंदा कहानियाँ), संपादक व अनुवादक : सुभाष नीरव

ज़ख़्म, दर्द और पाप(पंजाबी कथाकर जिंदर की चुनिंदा कहानियाँ), संपादक व अनुवादक : सुभाष नीरव
प्रकाशन वर्ष : 2011, शिव प्रकाशन, जालंधर(पंजाब)

पंजाबी की साहित्यिक कृतियों के हिन्दी प्रकाशन की पहली ब्लॉग पत्रिका - "अनुवाद घर"

"अनुवाद घर" में माह के प्रथम और द्वितीय सप्ताह में मंगलवार को पढ़ें - डॉ एस तरसेम की पुस्तक "धृतराष्ट्र" (एक नेत्रहीन लेखक की आत्मकथा) का धारावाहिक प्रकाशन…

समकालीन पंजाबी साहित्य की अन्य श्रेष्ठ कृतियों का भी धारावाहिक प्रकाशन शीघ्र ही आरंभ होगा…

"अनुवाद घर" पर जाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें - http://www.anuvadghar.blogspot.com/

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समीक्षा हेतु किताबें आमंत्रित

'कथा पंजाब’ के स्तम्भ ‘नई किताबें’ के अन्तर्गत पंजाबी की पुस्तकों के केवल हिन्दी संस्करण की ही समीक्षा प्रकाशित की जाएगी। लेखकों से अनुरोध है कि वे अपनी हिन्दी में अनूदित पुस्तकों की ही दो प्रतियाँ (कविता संग्रहों को छोड़कर) निम्न पते पर डाक से भिजवाएँ :
सुभाष नीरव
372, टाइप- 4, लक्ष्मीबाई नगर
नई दिल्ली-110023

‘नई किताबें’ के अन्तर्गत केवल हिन्दी में अनूदित हाल ही में प्रकाशित हुई पुस्तकों पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।
संपादक – कथा पंजाब

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‘कथा पंजाब’ के आगामी अंक में आप पढ़ेंगे –‘पंजाबी कहानी : आज तक’ में पंजाबी के प्रख्यात लेखक गुलजार सिंह संधु की कहानी, ‘आत्मकथा/स्व-जीवनी’ के अन्तर्गत पंजाबी के वरिष्ठ लेखक प्रेम प्रकाश की आत्मकथा ‘आत्ममाया’ की अगली कड़ी और बलबीर मोमी के उपन्यास ‘पीला गुलाब’ की अगली किस्त…

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