‘कथा पंजाब’ में आपका स्वागत है ! मई 13 अंक में आप पढ़ेंगे- ‘पंजाबी कहानी : आज तक’ के अन्तर्गत पंजाबी के प्रख्यात लेखिका अजीत कौर की एक प्रसिद्ध कहानी 'एक और फालतू औरत', ‘आत्मकथा/स्व-जीवनी’ के अन्तर्गत पंजाबी के वरिष्ठ लेखक प्रेम प्रकाश की आत्मकथा ‘आत्ममाया’ की अगली कड़ी तथा ‘पंजाबी उपन्यास’ के अन्तर्गत बलबीर सिंह मोमी के उपन्यास ‘पीला गुलाब’ की 15वीं किस्त …

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संपादकीय

>> रविवार, 12 फ़रवरी 2012





पंजाबी कथा साहित्य का एक और मजबूत स्तम्भ नहीं रहा।

पंजाबी कथा साहित्य का एक और मजबूत स्तम्भ नहीं रहा। गत माह 26 जनवरी 2012 को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, दिल्ली में शाम को पंजाबी के जाने-माने कथाकार –उपन्यासकार कर्तार सिंह दुग्गल जी का निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। पंजाबी की पहली कथा पीढ़ी के इस कथाकार की कलम को उनकी बढ़ती उम्र भी नहीं रोक पाई थी। दुग्गल जी अन्तिम दिनों तक निरंतर लेखनरत थे। उन्होंने खूब लिखा और जम कर लिखा। जिस बढ़ी उम्र में लोग थककर बैठ जाते हैं, दुग्गल जी बाकायदा नियमित लेखन करते रहे… पंजाबी और हिन्दी दोनों में वह बराबर पढ़े जाने वाले लेखकों में से थे। ऐसे महान साहित्यकार के निधन पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि ! उनकी बहुत ही प्रसिद्ध कहानी ‘चाँदनी रात का दु:खान्त” हम यहाँ पाठकों से साझा कर रहे हैं।
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इस अंक में ‘स्त्री कथा लेखन : चुनिंदा कहानियाँ’ के अन्तर्गत हम पंजाबी की प्रख्यात लेखिका अजीत कौर जी की बहुचर्चित कहानी ‘गुलबानो’ प्रकाशित कर रहे हैं। ‘पंजाबी लघुकथा : आज तक’ के तहत पंजाबी के जाने-माने और सशक्त कथाकार हरभजन सिंह खेमकरनी जी की पाँच चुनिंदा लघुकथाएँ आपके समक्ष रख रहे हैं। इसके साथ ही आप पढ़ेंगे- धारावाहिक रूप से शुरू किए गए बलबीर मोमी के उपन्यास ‘पीला गुलाब’ की अगली किस्त…
आप के सुझावों, आपकी प्रतिक्रियाओं की हमें प्रतीक्षा रहेगी…
सुभाष नीरव
संपादक - कथा पंजाब

2 टिप्पणियाँ:

ashok andrey 15 फ़रवरी 2012 को 10:42 am  

aadarniya kartar Singh Duggal jee ke nidhan ka smaachar mujhe andar tak kee khamoshi ke samandar men chhodta hua,hilaa gayaa.koee shabd naheen hain mere paas lekin unhen apni vinamr sharaddhanjli deta hoon.

रूपसिंह चन्देल 16 फ़रवरी 2012 को 7:54 pm  

नीरव, इतनी सामग्री तुमने प्रकाशित कर दी कि मैं देखकर दंग हूं. और रचनाएं भी ऎसी कि उन्हें बिना पढ़े कुछ भी लिखना धृष्टता होगी. कुछ समय लूंगा और सभी को पढ़कर अपनी बात कहूंगा. वैसे सभी रचनाएं अपने समय की बहुचर्चित रचनाएं हैं. तुमने अजित कौर के साक्षात्कार की बात की थी. मैंने १९९० में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिलने के बाद उनका साक्षात्कार किया था. वह अब जल्दी ही तुम्हें भेजूंगा.

चन्देल

‘अनुवाद घर’ को समकालीन पंजाबी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों की तलाश

‘अनुवाद घर’ को समकालीन पंजाबी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों की तलाश है। कथा-कहानी, उपन्यास, आत्मकथा, शब्दचित्र आदि से जुड़ी कृतियों का हिंदी अनुवाद हम ‘अनुवाद घर’ पर धारावाहिक प्रकाशित करना चाहते हैं। इच्छुक लेखक, प्रकाशक ‘टर्म्स एंड कंडीशन्स’ जानने के लिए हमें मेल करें। हमारा मेल आई डी है- anuvadghar@gmail.com

छांग्या-रुक्ख (दलित आत्मकथा)- लेखक : बलबीर माधोपुरी अनुवादक : सुभाष नीरव

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पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं(लघुकथा संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव

पंजाबी की चर्चित लघुकथाएं(लघुकथा संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव
शुभम प्रकाशन, एन-10, उलधनपुर, नवीन शाहदरा, दिल्ली-110032, मूल्य : 120 रुपये

रेत (उपन्यास)- हरजीत अटवाल, अनुवादक : सुभाष नीरव

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यूनीस्टार बुक्स प्रायवेट लि0, एस सी ओ, 26-27, सेक्टर 31-ए, चण्डीगढ़-160022, मूल्य : 400 रुपये

पाये से बंधा हुआ काल(कहानी संग्रह)-जतिंदर सिंह हांस, अनुवादक : सुभाष नीरव

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कथा पंजाब(खंड-2)(कहानी संग्रह) संपादक- हरभजन सिंह, अनुवादक- सुभाष नीरव

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कुलवंत सिंह विर्क की चुनिंदा कहानियाँ(संपादन-जसवंत सिंह विरदी), हिंदी अनुवाद : सुभाष नीरव

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काला दौर (कहानी संग्रह)- संपादन व अनुवाद : सुभाष नीरव

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ज़ख़्म, दर्द और पाप(पंजाबी कथाकर जिंदर की चुनिंदा कहानियाँ), संपादक व अनुवादक : सुभाष नीरव

ज़ख़्म, दर्द और पाप(पंजाबी कथाकर जिंदर की चुनिंदा कहानियाँ), संपादक व अनुवादक : सुभाष नीरव
प्रकाशन वर्ष : 2011, शिव प्रकाशन, जालंधर(पंजाब)

पंजाबी की साहित्यिक कृतियों के हिन्दी प्रकाशन की पहली ब्लॉग पत्रिका - "अनुवाद घर"

"अनुवाद घर" में माह के प्रथम और द्वितीय सप्ताह में मंगलवार को पढ़ें - डॉ एस तरसेम की पुस्तक "धृतराष्ट्र" (एक नेत्रहीन लेखक की आत्मकथा) का धारावाहिक प्रकाशन…

समकालीन पंजाबी साहित्य की अन्य श्रेष्ठ कृतियों का भी धारावाहिक प्रकाशन शीघ्र ही आरंभ होगा…

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समीक्षा हेतु किताबें आमंत्रित

'कथा पंजाब’ के स्तम्भ ‘नई किताबें’ के अन्तर्गत पंजाबी की पुस्तकों के केवल हिन्दी संस्करण की ही समीक्षा प्रकाशित की जाएगी। लेखकों से अनुरोध है कि वे अपनी हिन्दी में अनूदित पुस्तकों की ही दो प्रतियाँ (कविता संग्रहों को छोड़कर) निम्न पते पर डाक से भिजवाएँ :
सुभाष नीरव
372, टाइप- 4, लक्ष्मीबाई नगर
नई दिल्ली-110023

‘नई किताबें’ के अन्तर्गत केवल हिन्दी में अनूदित हाल ही में प्रकाशित हुई पुस्तकों पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।
संपादक – कथा पंजाब

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‘कथा पंजाब’ के आगामी अंक में आप पढ़ेंगे –‘पंजाबी कहानी : आज तक’ में पंजाबी के प्रख्यात लेखक गुलजार सिंह संधु की कहानी, ‘आत्मकथा/स्व-जीवनी’ के अन्तर्गत पंजाबी के वरिष्ठ लेखक प्रेम प्रकाश की आत्मकथा ‘आत्ममाया’ की अगली कड़ी और बलबीर मोमी के उपन्यास ‘पीला गुलाब’ की अगली किस्त…

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